हाल ही में दिल्ली के एक टू-व्हीलर डीलर का आईपीओ 400 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके कुछ ही दिन बाद एसएमई कैटेगरी में एक और आईपीओ ने बाजार में हलचल मचा दी।
इसे 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुके हैं। इस कंपनी के जर्जर कार्यालय की तस्वीरें सामने आने के बाद यह चर्चा में आ गई है।
का आईपीओ बॉस पैकेजिंग सॉल्यूशंस लिमिटेडगुजरात की एक छोटी सी कंपनी के आईपीओ को 127 गुना सब्सक्राइब किया गया है। इसके आईपीओ का आकार 8 करोड़ रुपये है जबकि इसे 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की मांग प्राप्त हुई है।
सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद सेबी और एनएसई के अधिकारियों ने कंपनी के रिकॉर्ड की जांच की है। सूत्र ने यह भी बताया कि अधिकारियों ने फैक्ट्री और दफ्तरों का ग्राउंड निरीक्षण किया है और लिस्टिंग को मंजूरी दी है।
कंपनी काम तो कर रही है लेकिन उसमें कुछ खास नहीं है। सोशल मीडिया पर यूजर्स एसएमई आईपीओ में हेराफेरी का आरोप लगा रहे हैं।
उनका कहना है कि इस हेराफेरी के कारण बड़ी संख्या में निवेशक उनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन बाजार के जानकारों का कहना है कि यह पूरी तरह सच नहीं हो सकता।
एसएमई क्षेत्र में कार्यरत एक मर्चेन्ट बैंकर ने बताया कि बाजार में तरलता तथा एफओएमओ कारक के कारण एसएमई सार्वजनिक पेशकशों में अत्यधिक अभिदान हुआ है।
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जीर्ण-शीर्ण कार्यालय का सच
बॉस पैकेजिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड के आईपीओ का संचालन मुंबई स्थित बैंकिंग कंपनी फेडएक्स सिक्योरिटीज करेगी। बॉस पैकेजिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 66 रुपये प्रति शेयर की तय कीमत पर करीब 12.7 लाख शेयर पेश किए।
बोली समाप्ति से एक दिन पहले, 3 सितम्बर को, इसके हिस्से में मांग की कुल राशि 16.3 करोड़ थी।
तब से इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) 5 रुपये से 12 रुपये के बीच उतार-चढ़ाव कर रहा है। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने गूगल मैप्स के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं, जिसमें कंपनी का स्थान जर्जर जगह पर दिखाया गया है।
एक सूत्र ने बताया कि गूगल मैप्स की तस्वीर कंपनी की पुरानी यूनिट की है। कंपनी के पास मैन्यूफैक्चरिंग, फैब्रिकेशन और असेंबली के लिए कई यूनिट हैं।
त्वरित तथ्य
| कंपनी का नाम | बॉस पैकेजिंग सॉल्यूशंस |
|---|---|
| आईपीओ सदस्यता | 127 बार |
| आईपीओ का आकार | ₹8 करोड़ |
| आईपीओ की मांग | ₹1,000 करोड़+ |
| प्रस्तावित शेयर | 12.7 लाख |
| प्रति शेयर लागत | ₹66 |
| 3 सितम्बर को मांग | 16.3 करोड़ शेयर |
| ग्रे मार्केट प्रीमियम | ₹5 – ₹12 |
| कंपनी का स्थान संबंधी मुद्दा | गूगल मैप्स पर पुरानी इकाई |
| निरीक्षण | सेबी और एनएसई द्वारा अनुमोदित |
| बाज़ार की स्थिति | उच्च तरलता और FOMO |
| अधिक अभिदान के कारण | एसएमई बाजार में उच्च तरलता |
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