Vodafone शेयर को लेकर बड़ी अपडेट! निवेशकों की हुई मौज » A1 Factor

मोतीलाल ओसवाल की वेल्थ असेसमेंट स्टडी में खुलासा हुआ है कि पिछले 5 साल में वोडाफोन आइडिया को शेयर बाजार में सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। इस अध्ययन में 2018 से 2023 तक के आंकड़ों की जांच की गई है और प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया की संपत्ति 1.34 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है।
वोडाफोन आइडिया के बाद इस सूची में विभिन्न कंपनियां शामिल हैं जिनकी संपत्ति में घाटा हुआ है। इसमें यस बैंक, IOCL (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड), इंडियाबुल्स हाउसिंग और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि वोडाफोन आइडिया ने मुश्किल समय में अपनी स्थिति सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और इस दौरान उसकी संपत्ति में कमी देखी जा रही है।
Vodafone Idea: शेयर बाजार में सबसे बड़ा घाटा
मोतीलाल ओसवाल की वेल्थ क्रिएशन स्टडी के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया को पिछले 5 साल में शेयर बाजार में सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक 2018 से 2023 तक इसकी संपत्ति 1.34 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है. वोडाफोन आइडिया के बाद इस सूची में यस बैंक, आईओसीएल, इंडियाबुल्स हाउसिंग और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। वोडाफोन आइडिया को पहले भी अपनी वित्तीय स्थिति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, लेकिन इससे भी अधिक नुकसान का सामना करना उसकी ताकत को चुनौती देता है।
शेयर बाजार: आंकड़ों से पता चलता है सबसे बड़े नुकसान की स्थिति!
पिछले पांच सालों में शेयर बाजार की कई कंपनियों को अपनी संपत्ति में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। श्रृंगारी की इस रिपोर्ट के मुताबिक बंधन बैंक, कोल इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस और इंडस टावर्स जैसी कंपनियां उन 10 कंपनियों में शामिल हैं जिनकी संपत्ति में घाटा हुआ है। पिछले पांच साल में इन कंपनियों की संपत्ति 5.6 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है.
रिपोर्ट इस नुकसान का सबसे बड़ा असर वित्तीय क्षेत्र में दिखाती है, जहां कंपनियों की हिस्सेदारी 29 फीसदी रही. इसमें टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर और रिटेल सेक्टर भी शामिल हैं और इन कंपनियों की संपत्ति संबंधित अवधि में 17 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है. इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में घाटे की स्थिति कई कंपनियों के लिए मुश्किल है.
शेयर बाज़ार: घाटे के कारण
पिछले पांच वर्षों में शेयर बाजार में कई कंपनियों को अपनी संपत्ति में गिरावट का सामना करना पड़ा है और तेजी से बढ़ते घाटे के कारण गिरावट देखी गई है। इस दौरान इन कंपनियों की संपत्ति में कुल मिलाकर 33 फीसदी यानी 5.6 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है.
इस घाटे का शिकार वित्तीय क्षेत्र की कंपनियां हुई हैं, जिसमें इन कंपनियों की हिस्सेदारी 29 फीसदी रही है. इसके अलावा टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर और रिटेल सेक्टर में घाटे के चलते कंपनियों की संपत्ति 17 लाख करोड़ रुपये तक घट गई है. यह घाटा शीर्ष 100 कंपनियों द्वारा बनाई गई संपत्ति का 25 प्रतिशत है।
इस गंभीर स्थिति में वोडाफोन आइडिया को एजीआर और अन्य वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे वित्तीय चुनौतियां बढ़ गईं। इससे उनकी वित्तीय स्थिति काफी खराब हो गई है और उन्हें ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इसके चलते वोडाफोन-आइडिया के बाजार में अच्छे प्रदर्शन में गिरावट देखी गई है। इंडियाबुल्स की हिस्सेदारी में भी करीब 73.16 फीसदी की गिरावट आई है.
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