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Cricketer Kaise bane

Cricketer Kaise bane: क्रिकेटर कैसे बनें, सेलेक्शन प्रोसेस, क्रिकेट एकेडमी कैसे जॉइन करें, फीस, उम्र आदि की डिटेल में जानकारी।

आज के समय मे क्रिकेट भारत का सबसे ज्यादा लोगों के द्वारा पसन्द किया जाने वाला खेल है। जिसे देखो उस पर क्रिकेट की दीवानगी छाई है। कुछ लोग तो इतने ज्यादा क्रिकेट के दीवाने होते हैं कि जिस दिन क्रिकेट होगा तो वे क्रिकेट देखने के चक्कर मे खाना- पीना सबकुछ भूल जाते हैं। चाहे लड़का हो या लड़की आज के समय मे सभी को क्रिकेट देखने का शौक है।

कुछ लोगों को क्रिकेट देखने का शौक है तो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो क्रिकेटर बनाना चाहते हैं, अगर आपका भी सपना इंडिया की नेशनल टीम में क्रिकेटर बनने का है तो आज के इस लेख में हम आपको यही बताएंगे कि Cricketer kaise bane।

वैसे तो बहुत लोग क्रिकेटर बनने की ख्वाइश रखते हैं, लेकिन कुछ लोग किसी कारणवश क्रिकेटर नही बन पाते हैं और वंही कुछ लोग इसलिए नही क्रिकेटर बन पाते हैं, क्योंकि उनको यंही नही मालूम होता है कि Cricketer kaise bante hain। जब आपको अपनी मंजिल का रास्ता पता होता है, तो फिर आपको उस रास्ते पर बस सावधानी से चलना होता है। इसी तरह क्रिकेट में भी है, जब आपको ये मालूम हो जाएगा कि Cricketer kaise bane तो फिर आपकी राह आसान हो जाएगा।

Secrets Tips

क्रिकेटर बनना उतना भी आसान नही होता है, जितना कि क्रिकेट देखने मे आसान लगता है। इसके पीछे बहुत बड़ी बर्षों की मेंहनत होती है। लेकिन दुनिया मे ऐसा कोई काम नही है, जिसको मनुष्य कर न सके, बस आपके अंदर जज्बा होना चाहिए और आपको मार्ग का पता हो। अगर आपके अंदर क्रिकेट का जुनून है। आप क्रिकेट के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा सकते हैं तो आप निश्चित ही एक अच्छे क्रिकेटर बन सकते हैं। How Become Cricketer in Hindi चलिये इसके बारे में स्टेप बाई स्टेप डिटेल में जानते हैं।

Cricketer kaise bane

क्रिकेटर बनने के लिए कोई खास पढ़ाई की जरूरत नही होती है। क्रिकेट में आपकी उम्र और खेल के प्रति रुचि ज्यादा मायने रखता हूं। जिन लोगों में क्रिकेट की रूचि है तो ऐसे लोग क्रिकेट में अपना कैरियर बना सकते हैं।

क्रिकेट के फील्ड में कैरियर बनने के लिए उम्मीदवार को जितना जल्दी हो सके उतना ही जल्दी क्रिकेट एकेडमी जॉइन कर लेना चाहिए। जिससे कि उनको ज्यादा क्रिकेटर सीखने और क्रिकेट की बारीकियों जानने और समझने का मौका मिलेगा।

अगर आपकी उम्र 5 साल से 10 साल है तो ये आपके लिए क्रिकेट एकेडमी जॉइन करने का अच्छा अवसर हैं। क्योंकि बहुत सारी क्रिकेट एकेडमी ऐसी होती हैं जोकीं 5 से 10 साल के लोगों को ही अपने यंहा एडमिशन देते हैं।

वंही कुछ एकेडमी ऐसी भी होती हैं, जंहा पर 10 से 16 साल तक के कैंडिडेट एडमिशन ले सकते हैं। फिलहाल क्रिकेट के फील्ड में आपकी उम्र कोई मायने नही रखती है। अगर आप 20 से 25 साल के भी हैं तो भी आप क्रिकेटर बन सकते हैं।

कम उम्र में ही क्रिकेट एकेडमी जॉइन करने का फायदा ये होता है कि आपको क्रिकेट सीखने के लिए ज्यादा वक्त मिल जाता है। वंही अगर आपकी उम्र ज्यादा हो चुकी है तो आपके पास सीमित होता है। जिस वजह से आप शायद उतना अच्छे से क्रिकेट की बारीकियों को न सीख सकें।

अगर आपको क्रिकेटर बनना है तो सबसे पहले आपको किसी अच्छे क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेना होगा, ताकि आप क्रिकेट सीख सकें और आपको क्रिकेट कंपटीशन में खेलने का मौका मिल सके। ये क्रिकेट की मंजिल तक पहुचने की पहली सीढ़ी है। इसलिए आपको ये भी जानना जरूरी है कि आपको किस तरह की क्रिकेट एकेडमी से ट्रेनिंग लेना चाहिए और किस तरह की एकेडमी से नहीं।

Cricket Academy kaise Join karen

क्रिकेट सीखने के लिए आप ऐसे ही किसी क्रिकेट एकेडमी को जॉइन न करें। बल्कि कुछ आवश्यक चीजों के बारे में जांच पड़ताल जरूर ही कर लें, फिर उसके बाद Cricket Academy में एडमिशन लें।

1: आप जिस भी क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेने जा रहे हैं क्या वो किसी क्रिकेट वैध एसोसिएशन से जुड़ी है या नही। अगर नही तो एडमिशन ऐसे एकेडमी में बिल्कुल न लें।

2: आप जिस भी क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेने जा रहे हैं, अगर वह DDCA (Delhi & District Cricket Association) से सम्बन्ध रखता है तो ज्यादा अच्छा है, आपको ऐसी एकेडमी में एडमिशन लेना चाहिए।

3: आज जिस भी क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेने जा रहे हैं, क्या उसमे अच्छे क्रिकेट ट्रेनर हैं। उन्होंने किसी बड़े लेवल पर क्रिकेट मैच खेले हैं या नही। अगर नही तो ऐसे जगह पर एडमिशन न लें।

4: आप जिस भी क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेने जा रहे हैं, क्या उस एकेडमी में बड़ा क्रिकेट ग्राउंड है। इसके साथ ही अगर 1 से ज्यादा बड़े प्ले ग्राउंड हैं तो ज्यादा अच्छा है। क्योंकि वँहा पर आप अच्छे से प्रैक्टिस कर सकते हैं।

5: किसी भी क्रिकेट अकादमी में एडमिशन लेने से पहले ये भी जान लें कि वँहा पर हप्ते में कितने दिन प्रैक्टिस कराई जाती है। अगर हप्ते में से कम 3 से 4 दिन प्रैक्टिस कराई जाती है, तब तो ठीक है। अगर इससे कम दिन प्रैक्टिस करवाई जाती है तो वँहा एडमिशन न लें।

6: क्रिकेट एकेडमी को जॉइन करने से पहले ये भी जानकारी ले लें कि वो एकेडमी क्रिकेट प्रतियोगिता करवाती है और क्रिकेट प्रतियोगिता में पार्टिसिपेट करती है या नही। अगर नही तो ऐसे अकादमी में एडमिशन न लें।

7: अच्छी क्रिकेट एकेडमी की सबसे बड़ी पहचान ये होती है कि उसमें कोच भी अच्छे लेवल क्रिकेट प्लेयर रह चुके होते हैं। जिस वजह से आपको वँहा से अच्छा मार्गदर्शन मिल सकता है। इसलिए किसी भी क्रिकेट एकेडमी को जॉइन करने से पहले ये भी जान लें कि वंहा से ट्रेनिंग किये हुए स्टूडेंट्स sate या नेशनल लेवल पर क्रिकेट खेल चुके हैं या नही। अगर हां तो ऐसी क्रिकेट एकेडमी में आप एडमिशन लें।

Cricketer बनने की शुरुआत कैसे करें?

क्रिकेट के फील्ड में कैरियर की शुरुआत करने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप किसी भी अच्छे Cricket Academy में एडमिशन लें और क्रिकेट की मेहनत व जुनून के साथ प्रैक्टिस करें।

जब आप 20 से 30 प्रैक्टिस मैच खेलेंगे तो जाहिर सी बात है कि आपकी स्किल में निखार आएगा। प्रैक्टिस मैच में अच्छा परफार्म करने पर क्लब या लीग मैच खेलने का मौका मिलेगा।

अगर आपके इसमे अच्छा प्रदर्शन रहता है तो फिर आपको सब डिस्ट्रिक्ट मैच के लिए सेलेक्ट किया जाएगा।

अगर इसमे भी आपका प्रदर्शन अच्छा रहता है तो फिर आपको डिस्ट्रिक्ट लेवल पर मैच खेलने के लिए सेलेक्ट किया जाएगा। एक तरह से आप यंहा से आपका कैरियर शुरू होता है।

अगर डिस्ट्रिक्ट लेवल पर आपका प्रदर्शन शानदार रहता हैं तो फिर इसके बाद आपको आपकी age ग्रुप के अनुसार स्टेट लेवल पर क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा।

जो खिलाड़ी डिस्ट्रिक्ट लेवल पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, ऐसे अलग- अलग डिस्ट्रिक्ट से 45 कैंडिडेट को सेलेक्ट किया जाता है। जिसके बाद उनका फिटनेस टेस्ट होता है और ट्रायल मैच होता है।

इसमे अच्छा परफार्म करने वाले 15 खिलाड़ियों को स्टेट की टीम में जगह दी जाती है। इस दौरान आपका मैच अलग- अलग स्टेट की क्रिकेट टीम से होता है। इसमे अच्छा प्रदर्शन करने वाले कैंडिडेट को टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलता है।

अगर खिलाड़ी की उम्र 19 साल से कम है तो उसको अंडर 19 इंडिया टीम में जगह दी जाएगी।

इसके बाद आपको रणजी जैसे टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलता है। इन क्रिकेट प्लेयर पर सेलेक्टरों की नजर रहती है, जैसे ही कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है, उसको आईपीएल नीलामी के लिए नॉमिनेट किया जाता है। जिसके बाद आईपीएल की टीम वाले लोग आपको मनचाही रकम देकर IPL मैच के लिए कांट्रेक्ट कर लेते हैं।

अगर आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन रहता है तो फिर आपको इंडिया की क्रिकेट टीम में मौका मिलता है।

इस तरह आप क्रिकेटर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

Cricket Academy ki Fees कितनी हिती है?

अलग-अलग क्रिकेट एकेडमी में फीस अलग- अलग होती है। अगर आप जो इंडियन क्रिकेटर हैं, इनकी क्रिकेट एकेडमी से ट्रेनिंग करना चाहते हैं तो आपको काफी ज्यादा फीस चुकानी पड़ सकती है। लेकिन यंहा से क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने का फायदा ये है कि यंहा पर वे क्रिकेटर भी आपकी क्रिकेट प्रैक्टिस की क्लास लेते हैं। जिससे आपको अच्छा मार्गदर्शन मिल सकता है।

लेकिन ऐसा नही है कि आप इन क्रिकेटर की एकेडमी में एडमिशन ले लेंगे तो क्रिकेटर बन जायेंगे, वो तो सिर्फ माध्यम है। प्रैक्टिस आपको करनी है। अगर आप कम फीस वाले क्रिकेट एकेडमी में भी एडमिशन लेते हैं तो भी आप नेशनल लेवल के क्रिकेटर बन सकते हैं। वशर्ते वँहा पर अच्छे कोच और प्रैक्टिस की अच्छी सुविधाएं होनी चाहिए।

आमतौर पर क्रिकेट एकेडमी की फीस 10 हजार से लेकर लाख रुपये तक हो सकती है। आप अपने बजट के अनुसार अपने माफिक क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन ले सकते हैं।

एमएस धोनी क्रिकेट एकेडमी
सहवाग क्रिकेट एकेडमी
द्रविड़ क्रिकेट
कैप क्रिकेट एकेडमी
क्रिकेट एकेडमी ऑफ पठान्स आदि

Bina Academy Join kiye Cricketer Kaise bane

अगर आप बिना एकेडमी जॉइन किये क्रिकेटर बनना चाहते हैं तो मैं आपको बता दूं कि आप बिना क्रिकेट एकेडमी को जॉइन किये भी क्रिकेटर बन सकते हैं। ऐसे कई क्रिकेटर हैं, जिन्होंने बिना क्रिकेटर एकेडमी जॉइन किये ही इंडियन क्रिकेट टीम में जगह बनाई है। आप भी बिना कोचिंग जॉइन किये अपने देश के लिए क्रिकेट खेल सकते हैं। चलिये जानते हैं, कैसे?

आपको रोजाना 4 से 5 घंटे क्रिकेट की प्रैक्टिस करनी होगी। लेकिन प्रैक्टिस भी अकेले सम्भव नही है, इसके लिए आपके पास आपके परिवार या दोस्त तो होना चाहिए। जिसके साथ आप क्रिकेट खेल सकें।

जब आप क्रिकेट की बारीकियों को सीख जाएं और आपकी प्रैक्टिस बेहतरीन हो जाये तो आप फिर क्रिकेट ट्रायल दे सकते हैं। ट्रायल हर कोई दे सकता है, चाहें आपने एकेडमी जॉइन की हो या नही। इन ट्रायल्स में अच्छे- अच्छे प्लेयर ट्रायल देने आते हैं, इसलिए अगर आप क्रिकेट ट्रायल को पास करना चाहते हैं तो आपको अच्छे से क्रिकेट खेलना आता हो।

अब बात आती है कि आपको क्रिकेट ट्रायल के बारे में कैसे पता चलेगा तो मैं आपको बता दूं ये जानकारी आपको विभिन्न यूट्यूब चैनल और वेबसाइटों से मिल जाएगी। इसलिए ऐसे यूट्यूब चैनल्स को जरूर सब्सक्राइब करके रखें, जो क्रिकेट से संबंधित सही जानकारी समय पर देते हों। इसके अलावा समय- समय पर आप विभिन्न वेबसाइटों को भी चेक करते रहें, जो क्रिकेट की जानकारी देती हैं।

बिना क्रिकेट एकेडमी जॉइन किये क्रिकेटर बनने का दूसरा तरीका ये भी है कि आप रेलवे और इंडियन आर्मी के जरिये भी क्रिकेटर बम सकते हैं। नीचे आर्टिकल में मैंने ये बताया है कि आप कैसे रेलवे और इंडियन आर्मी के जरिए क्रिकेटर बन सकते हैं।

Cricket Trial kaun de sakta hai?

कोई भी क्रिकेट ट्रायल दे सकता है। अंडर 14, 16, 19, 23 के ट्रायल डिस्ट्रिक्ट लेवल के होते हैं। फिर आपका अगर आपका प्रदर्शन अच्छा रहता है तो आप स्टेट लेवल पर क्रिकेट खेल सकते हैं। इस तरह से आप आगे बढ़ते जाएंगे।

अब बात आती है कि आपको ट्रायल की जानकारी कैसे मिलेगी तो हम आपको बता दें कि आप अपने डिस्ट्रिक्ट के डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एशोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर इसकी जानकारी पा सकते हैं। इसके अलावा आपको न्यूज़पेपर से भी ये जानकारी मिल सकती है।

Cricket Trial Fees

क्रिकेट के ट्रायल की फीस 500 से 1000 हजार के आसपास होती है। आपको डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एशोसिएशन की वेबसाइट ट्रायल का फ़ॉर्म मिल जाएगा, जिसको आप भर सकते हैं और ट्रायल में भाग ले सकते हैं।

ट्रायल में 300 से 400 खिलाड़ी भाग लेते हैं और ये 3 से 4 दिन चलता है। इसमे आपको 12 से 18 बोल्स खेलने को मिलती है अगर आप बॉलर हैं तो 12 से 18 बोल्स फेंकने को मिल सकती हैं।

अगर आपका ट्रायल में परफार्मेंस अच्छा रहता है, सेलेक्टरों को आपका खेल पसन्द आता है तो फिर आपको सेलेक्ट कर लिया जाता है। फिर आपका डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट कैम्प के लिये ले जाया जाता है, यंहा पर आपको 6 से 7 महीने प्रैक्टिस करवाई जाती है और डिस्ट्रिक्ट लेवल के क्रिकेट कंपटीशन में पार्टिसिपेट करवाया जाता है। इस तरह अगर आपका प्रदर्शन अच्छा होता है और आप स्टेट लेवल पर पहुच जाते हैं, इस तरह धीरे- धीरे आप इंडियन क्रिकेट टीम में पहुंच सकते हैं।

Cricketer बनने के लिए जरूरी बातें

एक प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने के लिए जरूरी है कि आपको रोज प्रैक्टिस करनी चाहिए। एकेडमी में प्रक्टिस के अलावा आप स्वयं भी खूब प्रैक्टिस करें। वो कहावत है कि प्रैक्टिस ये मैन परफेक्ट तो ये बिल्कुल सही है। आप जितना ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे आप उतने ही ज्यादा अच्छे से परफार्म कर पाएंगे।

जब आप ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे तो आप अपनी कमियों को भी जान सकेंगे और उनको दूर कर सकेंगे।

दूसरी बात ये है कि आपको ये मालूम होना चाहिए कि आप क्रिकेट में बैटिंग मर माहिर हैं या बॉलिंग में। जिसमे भी आप ज्यादा एक्सपर्ट हैं, उस पर ज्यादा ध्यान दें। क्योंकि ये सच है हर आदमी हर किसी मे माहिर नही होता है। जैसेकि की किसी टीचर को इंग्लिश की अच्छी नॉलेज है और हिंदी के टीचर को हिंदी की। लेकिन इन दोनों सब्जेक्ट में कोई भी टीचर एक्सपर्ट नही हो सकता। इसी तरह क्रिकेट है, कोई बॉलिंग में एक्सपर्ट होता है तो कोई बॉलिंग में।

क्रिकेट एक ऐसा फील्ड हैं, जंहा पर आप रातों रात सक्सेज नही पा सकते हैं। इस फील्ड में आपको 5 से 10 साल अच्छे से मेहनत करनी होगी तभी आप अपना क्रिकेटर बनने का मुकाम हासिल कर पाएंगे। इसलिए धैर्य के साथ मेहनत से क्रिकेट की प्रैक्टिस पर पूरा फोकस करें। रोज आपको 5 से 7 घंटे प्रैक्टिस को देंने होंगे।

इस फील्ड में आप तभी सक्सेज हो सकते हैं, जब आपके अंदर क्रिकेट का जुनून होगा। क्रिकेट ही आपकी जिंदगी है, क्रिकेट नही तो कुछ नही, क्रिकेटर बनने के लिए आप कुछ भी खोने के लिए तैयार हैं, तो ही आप इस फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं। क्योंकि ये एक ऐसा फील्ड हैं जिसमे कई बर्षों तक आपको मेहनत करनी होती है, तब कंही जाकर सफलता हांथ लगती है।

Cricketer बनने की शुरूआत कब करें?

अगर आप क्रिकेटर बनना चाहते हैं तो आप 10 से 15 साल की उम्र में इस फील्ड में आ सकते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं कि किसी कारणवश वह इस फील्ड में आते आते 20 से 25 साल की उम्र के हो चुके होते हैं। ऐसा नही है कि आप इतनी उम्र के हो गए हैं तो आप क्रिकेटर नही बन सकते। आप बिलकुल क्रिकेटर बन सकते हैं, लेकिन आपके पास अब बहुत ज्यादा समय प्रैक्टिस के लिए नही है। इसलिए अब आपको कम समय मे ही क्रिकेट की बारीकियों को सीखना होगा और क्रिकेट कंपटीशन में क्वालीफाई होना होगा।

अगर आप अपने बच्चे को क्रिकेटर बनाना चाहते हैं तो आप 5 से 8 बर्ष की उम्र होने पर उसका एडमिशन क्रिकेटर एकेडमी में करवा दें, इससे उसके पास क्रिकेट सीखने के लिए एक लम्बा वक्त मिल जाएगा। इस वजह से उसकी क्रिकेट की प्रैक्टिस अच्छे से हो जाएगी और उसकी सफलता के चांस भी बढ़ जाते हैं।

Railway Se Cricketer kaise bane

रेलवे खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल पर क्रिकेट खेलने का मौका देता है। इसलिए जिन लोगों का सपना रेलवे के जरिये क्रिकेटर बनने का है तो रेलवे उनके लिए अच्छा प्लेटफॉर्म है।

रेलवे से क्रिकेटर बनने का फायदा ये है कि यंहा पर आपके पास रेलवे की सरकारी नौकरी होती है और साथ ही आप जॉब के साथ-साथ क्रिकेट भी खेल सकते हैं।

रेलवे से क्रिकेटर बनने का फायदा ये भी है कि यंहा पर आपका कैरियर सेफ जॉन में रहता है, मान लीजिए आप क्रिकेटर नही बन पाए तो आपके पास जीवन यापन के लिए सरकारी नौकरी तो है, कम से कम आप बेरोजगार तो नही रहेंगे। वंही अगर आप बिना रेलवे की जॉब के क्रिकेट खेलते हैं, बाई चान्स आप क्रिकेटर नही बन पाते हैं तो आपको बेरोजगारी जैसी प्रॉब्लम का भी सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे से क्रिकेटर बनने का फायदा ये भी है कि यह पर कंपटीशन कम होता है, हर किसी के पास रेलवे की जॉब नही होती है। बहुत से लोगों के पास रेलवे की जॉब भी है, लेकिन उनको क्रिकेट में शौक नही है। इस तरह से रेलवे से क्रिकेटर बनना थोड़ा आसान है।

रेलवे से क्रिकेटर बनने का फायदा ये भी है कि यंहा पर आपकी उम्र मायने नही रखती है। आप 25 साल या 30 साल के हैं तो भी आप क्रिकेटर खेल सकते हैं और रेलवे के द्वारा इंडियन क्रिकेट टीम में जा सकते हैं।

चलिये Railway Se Cricketer kaise bane अब इसके बारे में जानते हैं।

अगर आप रेलवे में अंडर 19 और अंडर 20 मैच खेलना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पैरेंट्स रेलवे की जॉब करते हों।

चलिये अब बात करते हैं रेलवे की सीनियर क्रिकेट टीम के बारे में जो BCCI के डोमेस्टिक मैच में पार्टिसिपेट करती है। इसमे रणजी ट्राफी जैसे मैच खेलने के लिए जरूरी है कि आपके पास रेलवे की जॉब होनी चाहिए, तभी आप इसमे पार्टिसिपेट कर सकते हैं या इसका ट्रायल दे सकते हैं।

अगर आप क्रिकेट खेलने में अच्छे हैं तो आप स्पोर्ट कोटे के तहत रेलवे की जॉब हासिल कर सकते हैं और फिर रेलवे के तहत क्रिकेटर बन सकते हैं।

रेलवे के तहत क्रिकेटर बनने का अन्य एक तरीका ये भी है कि लगभग हर साल रेलवे जॉब की वैकेंसी निकलता है, तो आप अच्छे से तैयारी करके पहले रेलवे की जॉब हासिल करें। जब आपको रेलवे की जॉब मिल जाएगी तो अब आप रेलवे के अंतर्गत क्रिकेट खिलाड़ी बन सकते हैं।

Cricketer kaise bane इससे संबंधित प्रश्न

मुझे क्रिकेटर बनना है क्या करू?

अगर आप क्रिकेटर बनना चाहते हैं तो आपको कोई अच्छी क्रिकेट एकेडमी जॉइन करना चाहिए। जिससे कि आप अच्छे कोच की निगरानी में क्रिकेट की बारीकियों को सीखेंगे। क्रिकेट एकेडमी में प्रैक्टिस के अलावा भी आप ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें। जितना ज्यादा आप प्रैक्टिस करेंगे, उतनी ही ज्यादा अच्छा आपका क्रिकेट में हांथ साफ होगा। इसके साथ ही क्रिकेट कंपटीशन में भाग लेते रहें, पहले स्कूल लेवल पर खेलें, फिर सब डिस्ट्रिक्ट लेवल पर इसके बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल पर, फिर इसके बाद स्टेट लेवल पर और अंत मे आप नेशनल लेवल पर इंडिया की क्रिकेट टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

क्रिकेट में जाने के लिए कितने पैसे लगते हैं?

ये आप पर डिपेंड करता है कि आप किस तरह की क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेते हैं, कुछ क्रिकेट एकेडमी की फीस 10 से 20 हजार होती है तो कुछ की 50 हजार से लाखों रुपए फीस होती है। आप जितनी फीस अफॉर्ड करने में शक्षम हों, उसी लेवल की क्रिकेट एकेडमी जॉइन कर सकते हैं।

क्रिकेट खेलना कैसे सीखे बताइए?

आप क्रिकेट की ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें, दोस्तों के साथ क्रिकेट खूब खेलें और प्रैक्टिस करें। इसके साथ ही बड़े- बड़े क्रिकेटर कैसे खेलते हैं उनको एनालाइज करें और वो बातें अपने आप पर लागूं करें। क्रिकेट सीखने के लिए आप क्रिकेट एकेडमी भी जॉइन कर सकते हैं।

क्रिकेटर बनने में कितना टाइम लगता है?

काफी लोग पूंछते हैं कि क्रिकेटर बनने में कितना टाइम लगता है तो मैं आपको बता दूं कि आप 2 से 5 साल में भी क्रिकेटर बन सकते हैं और इससे ज्यादा भी वक्त आपको लग सकता है। ये भी हो सकता है कि आप कभी न बन सकें। क्रिकेटर बनना पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है। अगर आपके अंदर जोश, जज्बा और मेहनत व धैर्य है तो आप निश्चित ही 5 से 10 साल में क्रिकेट बन सकते हैं।

क्रिकेटर बनने के लिए ये भी जरूरी है कि आप अपना माइंडसेट भी क्रिकेटर जैसा बनाएं, आप बस हमेशा क्रिकेटर बनने के बारे में ही सोंचे। क्योंकि हम वही बनते हैं, जो हम ज्यादा सोंचते हैं। आपको क्या बनना है ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है। दूसरी बात ये है कि आपको अपने आप पर विश्वास करना होगा, कि आप जरूर ही क्रिकेटर बन सकते हैं। अगर आप अपने आप पर ही संदेह करेंगे तो जाहिर सी बात है कि आप क्रिकेट पर कंही न कंही कमजोर है, तो आप उन कमजोरीयों को दूर करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ क्रिकेट पर फोकस करें।

आईपीएल में कैसे खेले?

आईपीएल में खेलने की सबसे पहली सीढ़ी डोमेस्टिक क्रिकेट है। इसके बाद आप डिस्ट्रिक्ट लेवल पर खेलें, फिर इसके बाद स्टेट लेवल पर खेलें, फिर इसके बाद आप आईपीएल के हिस्सा बन सकते हैं।

रणजी टीम में सिलेक्शन कैसे होता है?

सबसे पहले आपको डॉमेस्टिक लेवल पर खेलना होगा, फिर डिस्ट्रिक्ट लेवल पर, फिर स्टेट लेवल पर, फिर इसके बाद आप रण टीम में खेल सकते हैं।

Army se Cricketer kaise bane

आर्मी से क्रिकेटर बनने का दूसरा तरीका ये है कि आप किसी अछि क्रिकेट एकेडमी को जॉइन करें और फिर डिस्ट्रिक्ट व स्टेट लेवल पर क्रिकेट खेलें, इस तरह फिर आप स्पोर्ट कोटे के तहत आर्मी की जॉब पा सकते हैं और फिर आप आर्मी के तहत क्रिकेटर बन सकते हैं।

क्रिकेटरों की सैलरी कितनी है?

बीसीसीआई के द्वारा भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को ग्रेड के अनुसार सालाना भुगतान करती है। इस दौरान खिलाड़ियों को टेस्ट, वनडे और टी 20 क्रिकेट में उनके परफार्मेंस के आधार पर (A+), (A), (B) और (C) ग्रेड में बांटा जाता है। इस दौरान (A+) ग्रेड वाले खिलाड़ियों को 7 करोड़ रुपये, (A) ग्रेड वाले खिलाड़ियों को 5 करोड़ रुपये, B ग्रेड वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, व (C) ग्रेड के खिलाड़ियों को सालाना 1-1 करोड़ रुपये सैलरी के रूप दिये जाते हैं।

महिला क्रिकेटर टीम’ की सैलरी

बीसीसीआई के भारतीय महिला क्रिकेट की टीम के खिलाड़ियों को भी ग्रेड के हिसाब से ही सालाना भुगतान होता है। सभी खिलाड़ियों को टेस्ट, वनडे और टी 20 क्रिकेट में उनके परफार्मेंस के आधार पर (A), (B) और (C) ग्रेड में दिया जाता है। (A) ग्रेड वाले क्रिकेटर को 50 लाख रुपये, B ग्रेड वाले को 30 लाख रुपये और (C) ग्रेड वाले क्रिकेटरों को सालाना 10-10 लाख रुपये दिये जाते हैं।

आपको बता दें कि बीसीसीआई भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम की तरह ही डोमेस्टिक क्रिकेट ‘अंडर 23 क्रिकेट टीम’ और ‘अंडर 19 क्रिकेट टीम’ के क्रिकेटरों को भी कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार ही सैलरी देता है। इस दौरान बीसीसीआई के द्वारा इन खिलाड़ियों को जो सैलरी मिलती है, वो सीनियर टीम की तुलना तो बेहद कम होती है, लेकिन फिर भी ये कई अन्य देशों की नेशनल टीम को मिलने वाली सैलरी से भी अधिक है।

1- डोमेस्टिक क्रिकेट में 20 मैच खेल चुके क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रतिदिन 40 हज़ार रुपये मिलते हैं, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को प्रतिदिन 20 हज़ार रुपये सैलरी के तौर पर मिलते हैं।

2- डोमेस्टिक क्रिकेट में 21 से 40 मैच खेल चुके क्रिकेट खिलाड़ी ये सीनियर कैटेगरी में आते हैं। इन खिलाड़ियों 50 हज़ार रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जबकि रिजर्व कैटेगरी के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 25 हज़ार रुपये सैलरी मिलती है।

3- डोमेस्टिक क्रिकेट में 40 से ज्यादा मैच खेलने वाले सीनियर क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रतिदिन 60 हज़ार रुपये सैलरी मिलती है, जबकि रिजर्व कैटेगरी के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 30,000 रुपये सैलरी मिलती है।

इस हिसाब से देखें तो डोमेस्टिक क्रिकेट में 20, 40 और 40 से ज्यादा मैच खेलने वाले सभी क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रति मैच के अनुसार से 1.6 लाख रुपये, 2 लाख रुपये और 2.4 लाख रुपये सैलरी के तौर पर मिलते हैं। प्रति सीज़न में कम से कम 50 दिन घरेलू क्रिकेट खेलने वाला क्रिकेट खिलाड़ी 30 लाख रुपये तक कमा लेता है।

4- डोमेस्टिक क्रिकेट मैच में भारतीय महिला टीम के सीनियर खिलाड़ियों को प्रतिदिन 20 हज़ार रुपये मिलते हैं, वंही रिजर्व खिलाड़ियों को प्रतिदिन 10 हज़ार रुपये सैलरी के तौर पर मिलते हैं।

5- भारतीय ‘अंडर 23 क्रिकेट टीम’ के क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रतिदिन 25 हज़ार रुपये मिलते हैं, जबकि रिजर्व कैटेगरी के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 12 हज़ार रुपये ही मिलते हैं।

6- भारतीय ‘अंडर 19 में क्रिकेट टीम’ के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 20 हज़ार रुपये मिलते हैं, जबकि रिजर्व कैटेगरी के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 10 हज़ार रुपये मिलते हैं।

7- भारतीय ‘अंडर 16 टीम’ के क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रतिदिन 7 हज़ार रुपये मिलते हैं और रिजर्व खिलाड़ियों को प्रतिदिन 3500 रुपये मिलते हैं।

8- डोमेस्टिक क्रिकेट मैच में भारतीय ‘महिला अंडर-23 टीम’, ‘महिला अंडर-19 टीम’ और ‘महिला अंडर-16 टीम’ के क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रतिदिन 10,000 रुपये मिलते हैं जबकि रिजर्व कैटेगरी खिलाड़ियों को प्रतिदिन 5000 रुपये मिलते हैं।

उम्मीद है Cricketer kaise bane ये लेख आपको पसंद आया होगा, यंहा पर मैंने क्रिकेटर बनने का पूरा (How Become Cricketer in hindi Step by Step) बताया है। जिसके जरिये आप भी अपना क्रिकेटर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

careermotto

A self-motivated and hard-working individual, I am currently engaged in the field of digital marketing to pursue my passion of writing and strategising. I have been awarded an MSc in Marketing and Strategy with Distinction by the University of Warwick with a special focus in Mobile Marketing. On the other hand, I have earned my undergraduate degrees in Liberal Education and Business Administration from FLAME University with a specialisation in Marketing and Psychology.

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