स्टॉक टारगेट

Defence Stock कंपनी को मिला 120 तेजस Mk2 फाइटर जेट्स का बड़ा आर्डर! शेयर पर मिला ₹6300 का बड़ा टारगेट..

Defence Stock : तेजस Mk2 के नए ऑर्डर की खबर आने के बाद HAL के शेयर पर सकारात्मक असर देखा गया है। बड़े डिफेंस डील्स और सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पॉलिसी के चलते हाल ही में HAL के शेयर प्राइस में बढ़ोत्तरी भी देखने को मिली जैसे ही मार्केट में Tejas डील की खबरें आईं तो शेयर करीब 3% तक ऊपर गया। विशेषज्ञों और ब्रोकरेज हाउसेस का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी की आमदनी और ऑर्डर बुक मजबूत होगी, जिससे शेयर में और तेजी आ सकती है

पिछले सालों में इसमें जबरदस्त ग्रोथ हुई है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 3 लाख करोड़ रुपये है और इसकी गिनती टॉप डिफेंस स्टॉक्स में होती है। लॉन्ग टर्म पर्सपेक्टिव से भी एनालिस्ट HAL को “buy” रेटिंग दे रहे हैं और शेयर का टारगेट प्राइस 5500 से 6300 रुपये तक बताया जा रहा है।

तेजस Mk2 डील का विवरण

अब भारत ने HAL से 120 तेजस Mk2 फाइटर जेट्स खरीदने का आदेश दिया है, जो आगे चलकर 200 से ज्यादा हो सकता है। HAL हर साल करीब 30 तेजस Mk2 फाइटर जेट्स तैयार करके भारतीय वायुसेना को देगा। इसका मतलब ये है कि जो पुराने MiG-29, Mirage-2000 और Jaguar विमान थे, उनकी जगह अब आने वाले 10-12 सालों में एकदम आधुनिक, पूरी तरह से भारत में बने लड़ाकू विमान दिखाई देंगे।

तेजस Mk2 क्यों है खास?

तेजस Mk2 बिल्कुल नए जमाने की तकनीक का फाइटर जेट है। यह 4.5 जेनरेशन का मीडियम वेट मल्टी-रोल फाइटर प्लेन है। इसमें खास जनरल इलेक्ट्रिक का F414 इंजन लगेगा, जिससे इसकी ताकत और रफ्तार बहुत ज्यादा रहेगी। इसके साथ ही तेजस Mk2 में भारत का अपना बना Uttam AESA रडार लगाया जाएगा, जिससे दुश्मन के हवाई और जमीनी दोनों टारगेट पर नजर रखी जा सकेगी। इस लड़ाकू जहाज में अस्त्र जैसी लंबी दूरी की भारत में बनी मिसाइलें भी लगाई जा सकेंगी। तेजस Mk2 की डिज़ाइन ऐसे की गई है कि यह मौजूदा तकनीक और भविष्य की फिफ्थ जेनरेशन एयरक्राफ्ट टेक्नोलॉजी के बीच की कड़ी बने।

Secrets Tips

डिलीवरी का समय

HAL फिलहाल तेजस Mk1A के लिए तीन असेंबली लाइन चला रहा है और वहां से सालाना 30 विमान तैयार हो रहे हैं। Mk2 की शुरुआत में हर साल 24 विमान तैयार करने का टारगेट रखा गया है, जिसे आगे 30 तक ले जाया जाएगा। इससे एयरफोर्स की जरूरत के हिसाब से सारी डिलीवरी समय पर हो पाएगी। अगर सब सही चला तो 2036 तक भारतीय वायुसेना को कम से कम 120 तेजस Mk2 मिल जाएंगे।

यह भी पढ़ें : Defence Stocks : आने वाले टाइम में मालामाल कर देंगे ये 3 शेयर! 5 सालों में दे चुके है 1000% से ज्यादा का रिटर्न……

एक और बड़ी बात यह है कि अब तेजस Mk2 के लिए जो इंजन चाहिए, वो भी भारत में ही बनेगा। HAL और अमेरिका की General Electric कंपनी के बीच डील हो चुकी है जिसके तहत ये इंजन भारत में लाइसेंस उत्पादन के जरिए बनेंगे। इससे न सिर्फ भारत को आत्मनिर्भर बल मिलेगा बल्कि टेक्नोलॉजी फिर इंडिया के पास रहेगी।

तेजस Mk2 की पहली टेस्ट फ्लाइट 2027 तक होने की उम्मीद है। इसके बाद 2031 से इसका पूरा उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। तब धीरे-धीरे सारे जेट्स भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होते जाएंगे।

Disclaimer : यह वेबसाइट केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें दी गई सामग्री को निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय अपनी समझदारी और सतर्कता का प्रयोग करें।

source ;- abplive

careermotto

A self-motivated and hard-working individual, I am currently engaged in the field of digital marketing to pursue my passion of writing and strategising. I have been awarded an MSc in Marketing and Strategy with Distinction by the University of Warwick with a special focus in Mobile Marketing. On the other hand, I have earned my undergraduate degrees in Liberal Education and Business Administration from FLAME University with a specialisation in Marketing and Psychology.

Related Articles

Back to top button