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Mechanical Engineering Kya hai

Mechanical Engineering Kya hai- इस आर्टिकल में हम आपको मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है और इसमे शानदार कैरियर कैसे बना सकते हैं, इसके बारे में डिटेल में बताएंगे। अगर आपका भी सपना एक सफल Mechanical Engineer बनने का है तो इस आर्टिकल से आपको बहुत ही ज्यादा हेल्प मिलेगी।

यंहा पर आपको इस सेक्टर से जुडी हर जानकारी मिलेगी। जिसको जानने के बाद आपको ये अंदाज लग जायेगा कि आपको मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना चाहिए या नही। आपके लिए ये फील्ड बेहतर है या नही। एक तरह से Mechanical Engineering से जुड़े हर तरह के सवालों के जबाब यंहा पर आपको मिलेंगे।

Mechanical Engineering Kya hai

मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की प्रमुख शाखाओं में से एक है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स में छात्र को मशीनों की बनावट निर्माण आदि के बारे में विस्तार से अध्ययन कराया जाता है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ही पॉवर प्लांट इंजीनियरिंग, मैट्रोलॉजी और क्वॉलिटी कंट्रोल, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, एचवीएसी, मैनेटेंसन इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग आदि शामिल है। जिंतनी भी मशीनें और वाहन बनते हैं, इनको बनाने और डिज़ाइन करने का काम मैकेनिकल इंजीनियर ही करते हैं। मौजूदा समय में इस फील्ड में कैरियर की बेहद अच्छी ऑपर्चुनिटी मौजूद हैं।

Mechanical Engineer Kaise Bane

मैकेनिकल इंजीनियर बनने के लिए कैंडिडेट को मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। बीटेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग या पॉलीटेक्निक के माध्यम से डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स करके इस फील्ड में कैरियर की शुरुआत कर सकते हैं।

Secrets Tips

Qualification for Mechanical Engineering in Hindi

मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स को 12th और 10th के बाद किया जा सकते है। अगर आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री करना चाहते हैं तो आपको 12वीं फिजीकस, केमेस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट से पास होना चाहिए।

अगर आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं तो कैंडिडेट इस कोर्स में 10वीं और 12वीं के बाद एडमिशन ले सकते हैं। अगर आप 12वीं के बाद डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग करते हैं तो आपको 1 साल की छूट मिल जाती है।

Mechanical Engineering Course Duration

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कोर्स की अवधि 4 साल होती है। जिसमे 8 सेमेस्टर होते हैं। डिप्लोमा कोर्स जोकीं 10वीं के बाद किया जा सकता है, इसकी अबधि 3 साल होती है, लेकिन अगर 12वीं के बाद में डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग करते हैं तो इसकी अबधि 3 साल के बजाय दो साल हो जाती है। आपको एक साल की छूट मिल जाती है।

Admission Process in Mechanical Engineering Course

मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन दो तरह हो होता है। एक तो नामी और गवर्नमेंट संस्थान जैसेकि IIT व NIT व अन्य गवर्नमेंट संस्थान प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन देते हैं। काफी ऐसे भी प्राइवेट संस्थान हैं, जोकीं डायरेक्ट ही एडमिशन देते हैं। चलिये अब आपको प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम के बारे में बता देते हैं, जिनके माध्यम से आप इंडिया के बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन पा सकते हैं।

Secrets Tips

Entrance Exam for Mechanical Engineering Course details in Hindi (बीटेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश परीक्षा)

IIT JEE
MHT CET
UPESEAT
SRMJEEE
WB J EE
PESSAT
VITEEE
KLEEE
MET
HITSEEE
BIT SAT
AEEE
KEAM
KCET
AP EAMCET
TS EAMCET

डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए प्रमुख परीक्षाये

JEECUP
MSBTE
Delhi CET
TS POLCET
AP POLYCET
DEE CET
DCE CE
Jharkhand PECE
Punjab PET
Odisha DET
MP PPT
HSTES DET

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में कैरियर स्कोप (Career Scope in Mechanical Engineering)

आज के समय मे ऐसा कोई भी फील्ड नही है, जहां पर मशीनों के माध्यम से काम न होता हो। हर सेक्टर में किसी न किसी तरह की मशीनें ही कार्य करती हैं, इन मशीनों को मैकेनिकल इंजीनियर ही बनाते हैं। बाइक से लेकर एरोप्लेन ये सभी मैकेनिकल इंजीनियर के द्वारा ही बनाये जाते है। चूंकि लगभग हर सेक्टर में मशीनों इस्तेमाल होती है। इसलिए इन मशीनों के निर्माण के लिए मैकेनिकल इंजीनियर की भारी डिमांड रहती है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में जॉब के विभिन्न फ़ील्ड्स जैसेकि, थर्मल पॉवर प्लांट्स, इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन, न्यूक्लियर स्टेशन्स आदि में लाइव प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और सुपरविज़न से संबंधित कार्य आते हैं। इस फील्ड में रिन्यूएबल एनर्जी, क्वालिटी कंट्रोल, ऑटोमोबाइल्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन आदि नई और ऐमर्जिंग फ़ील्ड्स हैं, जिनमे कैरियर के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।

इंजीनियरिंग में अंडरग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के बाद में छात्रों के लिए मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन, सर्विसेज और डेवलपमेंट के विभिन्न फ़ील्ड्स में जॉब के अच्छे अवसर होते हैं। आजकल हम लोग मशीन्स के युग में जी रहे हैं और जहां भी एक मशीन है, वहां पर एक मैकेनिकल इंजीनियर की जरूरत तो होती ही है। इसलिये इस सेक्टर में मैकेनिकल इंजीनियर्स के लिए जॉब ऑप्शन्स की कमी नहीं है और न ही हो सकती है।

Job Sector in Mechanical Engineering (मैकेनिकल इंजीनियरिंग में जॉब के हॉट सेक्टर)

एयरोस्पेस इंजीनियर

न्यूक्लियर इंजीनियर

मोटर वाहन इंजीनियर

पेट्रोलियम इंजीनियर

सिविल इंजीनियर को अनुबंध करना

एरोनॉटिकल इंजीनियर

नियंत्रण और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर

मेटीरियल इंजीनियर्स

मेंटेनेंस इंजीनियर

सेल्स इंजीनियर

यांत्रिक इंजीनियर

आटोमोबाइल इंजीनियर

परमाणु इंजीनियर

Work of Mechanical Engineer (मैकेनिकल इंजीनियर क्या करते हैं?)

मैकेनिकल इंजीनियरिंग का क्षेत्र आपके जीवन के तकरीबन सभी पहलूओं को प्रभावित करती है। अधिकांश चीज़ें, जो हम लोग अपनी रोजाना की जिंदगी में प्रयोग करते हैं, उन्हें मैकेनिकल इंजीनियर्स ही डिज़ाइन और डेवलप करने का काम करते हैं। उदाहरण के लिए, माइक्रो-सेन्सर्स, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल्स, मेडिकल डिवाइसेज स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, रोबोट्स और भी कई अन्य वस्तुएं इनके द्वारा ही निर्मित की जाती है।

Mechanical Engineering Course Fees

मैकेेेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स की फीस भिन्न- भिन्न कॉलेज में भिन्न- भिन्न होती है। प्राइवेट और गवर्नमेंट कॉलेज की फ़ीस में बहुत बड़ा अंतर होता है। गवर्नमेंट कॉलेज की फीस हजारों रुपये और प्राइवेट कॉलेजों की फीस लाखों रुपये सालाना होती है। फिलहाल बीटेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग की फीस 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपये प्रतिबर्ष तक हो सकती है। वंही डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग की फीस 10 हजार से लेकर 1 लाख प्रतिबर्ष तक होती है।

Mechanical Engineering के प्रमुख विषय

कम्प्यूटेशनल फ्लुइड डायनेमिक्स एंड हीट ट्रांसफर

फंडामेंटल्स ऑफ़ कास्टिंग एंड सॉलिडीफिकेशन

कंप्यूटर एडेड डिजाइन ऑफ़ थर्मल सिस्टम

मॉडलिंग ऑफ़ टरबूलेंट कम्बस्शन

इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड ऑपरेशन रिसर्च

रेलरोड व्हीकल डायनामिक्स

प्रिंसिपल ऑफ़ वाइब्रेशन कंट्रोल

ट्रांजीशन एंड टर्बुलेंस

रोबोट मैनिपुलेटर्स डायनामिक्स एंड कंट्रोल

वेव प्रोपेगेशन इन सोलिड्स

Mechanical Engineer के लिए स्किल्स

इस फील्ड में करियर की शुरूआत करने वाले छात्रों के लिये यह जरुरी है कि उनको कोर कन्सेप्ट्स जैसेकि, मैकेनिक्स,थर्मोडायनामिक्स, कीनेमेटीक्स,स्ट्रक्चरल एनालिसिस, मेटीरियल साइंस, आदि की अच्छी समझ होनी जरूरी है।

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एरोनॉटिकल इंजीनियर कैसे बनें?
एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस इंजीनियर कैसे बनें?

Top Mechanical Engineering College

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गुवाहाटी

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई

जादवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी हैदराबाद

Mechanical Engineering में स्पेसलाइजेशन

मैकेनिकल इंजीनियरिंग की फील्ड में कई तरह के स्पेशलाइजेशन्स कोर्स होते हैं और छात्र बैचलर डिग्री को प्राप्त करने के बाद हायर डिग्रीज प्राप्त करने के लिए किसी एक में स्पेशलाइजेशन भी कर सकते हैं। कुछ प्रमुख स्पेसलाइजेशन निम्न हैं।

मेकाट्रोनिक्स एंड रोबोटिक्स

यह फील्ड कई तरह के विषयों जैसे रोबोटिक्स, आर्टिफीशल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, न्यूरोसाइंस, साइकोलॉजी और कई अन्य विषयों से संबंधित है। रोबोटिक्स में स्पेशलाइजेशन करने वाले कैंडिडेट्स के लिए कई बेहतरीन करियर ऑप्शन्स होते हैं। वे विभिन्न तरह की इंडस्ट्रीज जैसेकि, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्टेशन एवं अन्य संबद्ध इंडस्ट्रीज में जॉब कर सकते हैं।

नैनोटेक्नोलाजी

इस फील्ड में काफी ज्यादा छोटे पैमाने पर टेक्नोलॉजी की स्टडी और डेवलपमेंट शामिल होता हैं। इसमें छात्रों को केमिस्ट्री, इंजीनियरिंग, बायोलॉजी आदि की फ़ील्ड्स में करियर के कई बेहतरीन अवसर मिलते हैं।

थर्मोडाईनॅमिक्स एंड थर्मो-साइंस

यह सेक्टर हीट ट्रांसफर और थर्मोडाईनॅमिक्स के फंडामेंटल प्रिंसिपल्स के साथ में ही एडवांस्ड इंजीनियरिंग सिस्टम्स में उनके एप्लीकेशन और डिजाइनिंग से संबंधित है।

फ्लूइड मैकेनिक्स

रॉकेट इंजन्स, एयर-कंडीशनिंग, आयल पाइपलाइन्स, विंड टरबाइन्स आदि इनके जैसी डिजाइनिंग और समझ रखने के लिए फ्लूइड मैकेनिक्स में स्पेशलाइजेशन करना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है। ओशन करंट्स, टेक्टोनिक प्लेट्स और अन्य इससे संबद्ध टॉपिक्स को एनालाइज करने के लिए भी इस फील्ड का बहुत ज्यादा महत्व होता है।

सॉलिड मैकेनिक्स

सॉलिड मैकेनिक्स में स्पेशलाइजेशन के अंतर्गत बिहेवियर, मोशन, डिफोरमेशन और एक्सटर्नल इन्फ्लुएंसेज के अनुसार सॉलिड मेटीरियल्स की स्टडी इसमे शामिल होती है। इसमे स्पेसलाइजेशन करने के बाद आपके पास मैन्युफैक्चरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के फील्ड में करियर शुरू करने के ढेरों अवसर होते हैं।

Mechanical Engineering में गवर्नमेंट जॉब के लिए बेहतरीन संस्थान

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल)

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो)

नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी)

इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (ईसीआईएल)

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ)

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल)

कोल इंडिया

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)

Mechanical Engineering जॉब के लिए बेस्ट प्राइवेट संस्थान

हीरो मोटोकॉर्प

टाटा मोटर्स

बजाज ऑटो

फोर्ड मोटर कंपनी

होंडा मोटर कंपनी

लेलैंड मोटर्स

भाभा एटॉमिक रिसर्च सेटर (बीएआरसी)

किर्लोस्कर ग्रुप

लार्सन एंड टुब्रो ग्रुप

गोजरेज ग्रुप

थिसेन क्रुप

Mechanical Engineer Salary

इस फील्ड में सैलरी आपके टैलेंट पर निर्भर करती है। अगर आपने आईआईटी या NIT जैसे अच्छे संस्थान से बीटेक किया है तो आपको अच्छा सैलरी पैकेज मिल सकता है। जोकीं काफी आकर्षक होता है। आमतौर पर इस फील्ड में शुरुआत में वेतन 20 से 30 हजार प्रतिमाह मिलता है, जोकीं अनुभव के साथ- साथ बढ़ती रहती है।

उम्मीद है कि Mechanical Engineering kya hai ये आर्टिकल आपको पसन्द आया होगा, क्योंकि यंहा पर मैंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स और कैरियर से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जोकीं आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगी।

careermotto

A self-motivated and hard-working individual, I am currently engaged in the field of digital marketing to pursue my passion of writing and strategising. I have been awarded an MSc in Marketing and Strategy with Distinction by the University of Warwick with a special focus in Mobile Marketing. On the other hand, I have earned my undergraduate degrees in Liberal Education and Business Administration from FLAME University with a specialisation in Marketing and Psychology.

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