रक्षा पीएसयू स्टॉकसरकार देश की नौसेना, सेना और वायु सेना को हर संभव तरीके से विकसित करना चाहती है।
लेकिन किसी भी युद्ध में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वायुसेना की होती है, यही वजह है कि भारत सरकार भी देश की वायुसेना को हरसंभव तरीके से विकसित करना चाहती है।
वायुसेना को मजबूत करने के लिए सबसे जरूरी चीज लड़ाकू विमान हैं, जिनकी हमारे देश में अभी भी कमी है।
लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने के लिए भारत सरकार विदेशों से राफेल जैसे लड़ाकू विमान खरीदती नजर आ रही है।
इसके साथ ही देश के पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है और सरकार देश के रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण करना चाहती है।
जिसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एनएसई:एचएएल) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखा जा रहा है।
देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस बनाने वाली एचएएल अब एक और लड़ाकू विमान बनाने की योजना बना रही है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने समझौता ज्ञापन संशोधन पर हस्ताक्षर किए
पिछले कुछ दिनों से कंपनी के शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन आज शेयर बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने बड़ा ऐलान किया है।
कंपनी द्वारा की गई इस घोषणा के तहत जानकारी दी गई है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एलसीए एएफ एमके-2 के विकास को पूरा करने के संबंध में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के साथ एक समझौता ज्ञापन संशोधन पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौता ज्ञापन संशोधन पर हस्ताक्षर के बाद, एलसीए एएफ एमके-2 कार्यक्रम के पूर्ण इंजीनियरिंग विकास के चरण 3 के संचालन के लिए अनुमोदन जल्द से जल्द प्राप्त हो जाएगा।
जिसका मूल्य लगभग 285.00 करोड़ रूपये तथा एफई सहित 2970.00 करोड़ रूपये है।
इससे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाए जाने वाले दूसरे स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए एएफ एमके-2 के निर्माण कार्य में तेजी आ सकेगी, क्योंकि कंपनी इस हल्के लड़ाकू विमान को 2027 तक बनाना चाहती है।
कंपनी का मुनाफा 50% बढ़ा
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हमारे देश की सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण रक्षा फर्मों में से एक है।
इसके चलते कंपनी को लगातार एक के बाद एक ऑर्डर मिलते नजर आ रहे हैं।
कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है, जिसकी पुष्टि कंपनी द्वारा जारी मार्च तिमाही की रिपोर्ट से होती है।
कंपनी ने जानकारी दी है कि उसका शुद्ध लाभ बढ़कर 4,308.71 करोड़ रुपये हो गया है।
जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2,831.18 करोड़ रुपये था, यानी कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना 52.19 फीसदी बढ़ा है।
मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ के साथ-साथ कंपनी के राजस्व में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
कंपनी ने जानकारी दी है कि मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 14,768.75 करोड़ रुपये हो गया।
जो कि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में केवल 12,494.67 करोड़ रुपये था, जो दर्शाता है कि कंपनी के राजस्व में 18.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के निवेशक हुए मालामाल
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में निवेश करने वाले निवेशकों को कंपनी ने मालामाल कर दिया है क्योंकि कंपनी ने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त रिटर्न दिया है।
कंपनी ने पिछले 5 साल में 1385.6 प्रतिशत, पिछले तीन साल में 833.38 प्रतिशत, 1 साल में 160.54 प्रतिशत, पिछले 6 महीने में 68.82 प्रतिशत और पिछले 3 महीने में 36.4 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
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