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12veen ke baad vakil kaise bane

12veen ke baad vakil kaise bane: 12वीं के बाद वकील कैसे बनें, कोर्स, योग्यता, स्कोप, बेस्ट कॉलेज, फीस, जॉब आदि की जानकारी।

अगर आप 12वीं के बाद ही वकील बनना चाहते हैं तो इस लेख में हम आपको इसके बारे में डिटेल में बताएंगे। जिससे आप 12वीं के बाद ही वकील बन सकते हैं। इसके साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि कैसे आप खुद की प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं और LLB के बाद आप कंहा- कंहा प्राइवेट व सरकारी क्षेत्रों में जॉब कर सकते हैं।

आर्थिक गतिविधियों के विकास और डिजिटलीकरण दौर के बाद से वकालत का दायर बढ़ता ही जा रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप निजी क्षेत्रों में जॉब के कई नए अवसर बने हैं। आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नही है, जिसमे कि कानून विशेषज्ञ की जरूरत न हो। हर क्षेत्र में कानून के जानकारों की जरूरत होती है।

सामान्य जीवन की गतिविधियों से लेकर बिजनेस, साइबर, प्रशासनिक जैसे हर सेक्टर में कानून के जानकारों की आवश्यकता पड़ती है । जिस वजह से इस क्षेत्र में जॉब की संभावनाएं भी भरपूर हैं।

नए दौर में कानून की पढ़ाई करने वालों के लिए कॉरपोरेट वर्क कल्चर भी सामने आया है। इसीलिए युवाओं के लिए वकालत एक स्थायित्व और विकास की संभावनाओं से भरा करियर विकल्प साबित हो सकता है।

कानून के पाठ्यक्रम में क्रिमिनल लॉ, कॉरपोरेट लॉ, साइबर लॉ, बैंकिंग लॉ बौद्धिक सम्पदा तथा पेटेंट कानून, फैमिली लॉ, टैक्स लॉ आदि क्षेत्र जॉब के हॉट सेक्टर हैं। 12वीं के बाद वकील कैसे बनें चलिये इसके बारे में जानते हैं।

12veen ke baad vakil kaise bane

अगर कोई उम्मीदवार 12वीं के बाद ही वकील बनना चाहता है तो उसको BA LLB कोर्स 12वीं के बाद करना होगा। एलएलबी की डिग्री मिलने के बाद में वकालत करने के लिए कैंडिडेट को स्टेट बार कॉउन्सिल में एनरोल कराने की आवश्यकता होती है। अब आपको ये तो मालूम हो गया है कि 12 वीं के बाद बकील बनने के लिए आपको BA LLB कोर्स करना होगा। चलिये अब जान लेते हैं, इसको करें कैसे?

BA LLB kaise karen

बीए एलएलबी स्टूडेंट्स के बीच काफी लोकप्रिय कोर्स है। आजकल अनेक College और यूनिवर्सिटीयों में BA LLB कोर्स संचालित किया जा रहा है।

इस Course को करने के लिए स्टूडेंट किसी भी संकाय से 12वीं पास होना चाहिए। चाहें साइंस स्ट्रीम का स्टूडेंट्स हो या आर्ट और कॉमर्स सभी इस कोर्स को कर सकते हैं।

इसके साथ ही 12 वीं में कैंडिडेट के कम से कम 45% मार्क्स होने चाहिए, हांलकि इससे कम मार्क्स वालों को भी प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन मिल जाता है। BA LLB कोर्स 5 साल का होता है।

BA LLB ki fees kitni hai

इस कोर्स की फीस की बात करें तो अलग- अलग कॉलेज और यूनिवर्सिटी में इसकी फीस कम या ज्यादा हो सकती है। फिलहाल इस कोर्स की फीस 5 हजार से 50 हजार प्रति सेमेस्टर तक होती है। सरकारी लॉ कॉलेजों में फीस कम होती है और प्राइवेट कॉलेजों में काफी ज्यादा फीस होती है।

BA LLB Me Admission kaise milega

इस Course में Admission आप दो तरह से पा सकते हैं। एक तो आप डायरेक्ट ही एडमिशन ले सकते हैं और दूसरा आप प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन ले सकते हैं।

अगर आप इंडिया के मोस्ट पॉपुलर गवर्नमेंट कॉलेज से BA LLB करना चाहते हैं तो आपको वँहा पर एडमिशन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही मिलेगा। नीचे दिए गए कुछ प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम हैं।

BA LLB Entrance Exam

CLAT
DU LLB
AILET
PU LLB
LAWCET
JMI BA LLB
MHT
ILSAT
KIITEE

वकील के तौर पर कैरियर स्कोप

यह एक हाई प्रोफाइल के साथ ही सुपर स्पेशियलाइज्ड फील्ड है। चूंकि कानून की जरूरत आज हर क्षेत्र में रहती है जिसकी वजह से हम इसको न्यू इमर्जिंग फील्ड भी कह सकते हैं। यह एक ऐसा फील्ड है, जहां पर गवर्नमेंट और प्राइवेट, दोनों सेक्टर में जॉब के अच्छे मौके होते हैं। यह कठिन जॉब के साथ ही हाई पेइंग करियर है। इसमें पढ़ने की आदत होने के साथ- साथ ही कैंडिडेट में प्रेजेंटेशन स्किल्स, संवाद की कुशलता का होना बहुत काम आता है।

Job in BA LLB

सरकारी मौके की अगर बात करें तो बार कॉउंसिल की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद में आप सरकार और सरकार के विभिन्न विभागों के लिए केस लड़ सकते हैं।

BA LLB करने के बाद आप बतौर एडवोकेट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में खुद की प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं, शुरुआती दौर में कानून की प्रक्टिकल और वास्तविक फील्ड के नॉलेज को बढाने के लियर किसी सीनियर एडवोकेट के अधीन प्रैक्टिस कर सकते हैं।

अपनी रुचि के अनुसार आप इसमे विभिन्न क्षेत्र चुन सकते हैं। इनमें सिविल लॉ, टैक्स लॉ, क्रिमिनल लॉ, कॉरपोरेट लॉ, फैमिली लॉ आदि में से किसी भी फील्ड में जा सकते हैं।

इसके साथ ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार भी समय-समय पर जुडिशल सर्विस और सिविल सर्विस की परीक्षा को आयोजित करती हैं, अगर आप इन परीक्षाओं को पास कर लेते हैं तो आप कोर्ट में जज व अन्य ऊंचे पदों पर कार्य कर सकते हैं।

जुडिशल क्लर्कशिप या लॉ क्लर्क जज के सहायक के रूप में कार्य करते हैं, ये जज को विधि संबंधी या केस से सम्बंधित रिसर्च में सहायक का काम करते हैं। जुडिशल क्लर्कशिप की परीक्षा को पास करने के बाद में आप इस पद पर जॉब कर सकते हैं।

निजी क्षेत्र में जॉब की अगर बात करें तो बड़े औद्योगिक घरानों और लॉ फर्म्स में व्यावसायिक समस्याओं और अन्य न्यायिक समाधान के लिए लीगल एनालिस्ट या लीगल एडवाइजर या बिजनेस लॉयर की आवश्यकता होती है। एक लीगल एनालिस्ट का शुरुआती वार्षिक पैकेज 6 से 10 लाख रुपये प्रतिबर्ष होता है।

इसके अलावा स्टार्टअप्स और सोशल वर्क से संबंधित संगठनों को भी कानून के जानकारों की जरूरत होती है। यंहा पर भी जॉब के अच्छे अवसर होते हैं।

मीडिया हाउसेस में लीगल, क्राइम व कोर्ट की खबरें कवर करने के लिए लीगल जर्नलिस्ट के तौर पर भी लॉ के छात्र जॉब कर सकते हैं।

बहुत से उद्योगपति, कंपनियां, नेता व संस्थाएं न्यायिक अड़चनों के समाधान हेतु अपने यंहा लीगल एडवाइजर नियुक्त करते हैं। यंहा पर भी आपके लिए कैरियर के अच्छे अवसर हो सकते हैं।

Vakil ki Salary

अगर आपने इंडिया के टॉप लॉ संस्थान से कोर्स किया है, तो आप एक अच्छी लॉ फर्म में शुरुआती पैकेज 10 लाख रुपये प्रति वर्ष तक आसानी से पा सकते है। अनुभव और योग्यता के आधार पर आप लाखों रुपये प्रतिमाह तक वेतन पा सकते हैं।

वंही अगर आप किसी साधारण कॉलेज से BA LLB करते हैं तो पहली बात बड़ी- बड़ी लॉ फार्म्स में आपको जॉब मिलने में दिक्कत होगी। क्योंकि आपको शायद उतना अच्छा कानून का नॉलेज न हो और आपकी कम्युनिकेशन स्किल व लीडरशिप स्किल भी शायद उतनी अच्छी नही होगी। इसलिए हमेशा इंडिया के बेस्ट कॉलेज से ही कोर्स करें। जिससे आपको जॉब मिलने में भी दिक्कत नही होगी।

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सरकारी वकील कैसे बनें?
जज कैसे बनें?
हाई कोर्ट वकील कैसे बनें?

Vakil ke liye jaruri skills

इस प्रोफेशन की सबसे जरूरी बात यह है कि इसके लिए कैंडिडेट की जुझारू प्रवृत्ति होनी चाहिए। किताबों एवं घटनाओं से निरंतर जुड़े रहना इस प्रोफेशन के लिए जरूरी है। रिसर्च व एनालिसिस के आधार पर लॉ पर अच्छी कमांड हासिल हो सकती है, इसलिए मेहनत करने से आप भागे नहीं।

एक एडवोकेट के रूप में कार्य करने के लिए आपके अंदर मृदुभाषी, वाकपटु, मेहनती तथा लीडर जैसे गुण भी होने आवश्यक हैं।

केवल परीक्षा पास कर लेने ही आप एक अच्छा वकील नहीं बन सकते हैं, बल्कि तार्किक, धैर्यवान, बहस करने की क्षमता, आत्मविश्वास, एकाग्रता तथा पिछले केसों के बारे में अच्छी जानकारी भी होनी चाहिए।कानून से संबंधित आपके पास एक अच्छी लाइब्रेरी व किताबों का कलेक्शन भी जरूरी है।

हालांकि कैरियर के शुरुआती दिनों में इस पेशे में काफी संघर्ष की स्थिति रहती है, लेकिन एक-दो वर्षो के संघर्ष के बाद में स्थिति पूरी तरह काबू में आ जाती है। लॉ की अच्छी एवं अपडेटेड जानकारी, बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स, ऑन द स्पॉट जवाब देने की योग्यता जैसे गुण एक वकील के लिए जरूरी हैं।

शुरुआती चरण में कैसी दिक्कतें आती हैं?

लॉ के फील्ड में करियर शुरू करने पर सबसे बड़ी दिक्कत पैसे की ही आती है। यदि आपका पारिवारिक बैकग्राउंड वकालत का है तो काफी फायदा आपको मिल सकता है। नए वकील को एक लंबा वक्त अपनी पहचान बनाने में लग जाता है। इसके साथ ही सीनियरों का सहयोग अथवा उनसे काम मिलने में भी परेशानी आती है, इसलिए इस फील्ड के लिए धैर्य की बहुत जरूरत होती है।

दो से तीन साल प्रैक्टिस के बाद में वकील कैसे आगे बढ़ सकता है?

हालांकि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने में वकील को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए नए वकील को लोअर कोर्ट से ही अपनी प्रैक्टिस शुरू करना चाहिए। 2-3 साल के बाद अच्छा ज्ञान विकसित हो जाने के बाद में अपनी फील्ड का चुनाव कर सकते हैं।

Top BA LLB College in India

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर
गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी गांधी नगर
सिंबायोसिस सोसायटीज लॉ कॉलेज पुणे
नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल
नाल्सर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ हैदराबाद
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
फैकल्टी ऑफ लॉ, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अलीगढ़
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज कोलकाता
गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली

Law के प्रमुख फील्ड कौन-कौन से हैं?

कॉरपोरेट लॉ : वर्तमान समय में वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कॉरपोरेट लॉयर की काफी डिमांड है। इसके तहत कॉरपोरेट फील्ड में होने वाले अपराधों के लिए समाधान या कानून बताए गए हैं। कॉरपोरेट कानूनों के बन जाने से कॉरपोरेट फील्ड में होने वाले अपराधों को रोकने व कॉन्ट्रेक्ट नेगोसिएशन, फाइनेंस प्रोजेक्ट, ज्वॉइंट स्टॉक और टैक्स लाइसेंस से संबंधित कार्य किए जाते हैं। इसमें वकील किसी फर्म में कॉरपोरेट कानून के बारे में सलाह देते हैं। वकील के लिये ये फील्ड काफी अच्छा है।

साइबर लॉ : साइबर लॉ में आज के समय मे सबसे ज्यादा साइबर लॉयर की मांग है। हर क्षेत्र में कंप्यूटर और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग से साइबर क्राइम का ग्राफ काफी बढ़ा है। आज इस कानून का उपयोग आम आदमी के साथ-साथ लॉ फर्म, बैंकिंग, रक्षा आदि क्षेत्रों में हो रहा है। इस कानून के तहत साइबर क्राइम के मुद्दों और उस पर लगाम कैसे लगाई जा सकती है, इसके बारे में जानकारी दी जाती है। लॉ के स्टूडेंट्स के लिए ये उभरता हुआ कैरियर ऑप्शन साबित हो सकता है।

पेटेंट अटॉर्नी : पेटेंट अटॉर्नी, पेटेंट लॉ का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। इसका मतलब होता है कि एक ऐसा अधिकार, जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति अपना पूर्ण स्वामित्व रखता है। बिना उसकी मर्जी के कोई अन्य व्यक्ति उस अधिकार का प्रयोग ही नहीं कर सकता। यदि वह इस अधिकार को किसी दूसरे व्यक्ति को स्थानांतरित (आंशिक या पूर्ण रूप से) करता है तो इसके लिए उस फर्म या व्यक्ति से कॉन्टेक्ट करता है। इस फील्ड में भी लॉ के उम्मीदवार के लिए बेहतरीन संभावनाएं हैं।

क्रिमिनल लॉ : इसे लॉ की दुनिया का सबसे प्रचलित कानून क्रिमिनल लॉ को माना जाता है। इस कानून से तो हर छात्र का सामना पड़ता है। हालांकि इसमें भी शुरुआती चरण में कई तरह की दिक्कतों से आपको दो-चार होना पड़ता है, परन्तु एक बार नाम हो जाने पर फिर तो आपके वकालत कैरियर की सरपट दौड़ शुरू हो जाती है।

टैक्स लॉ : इस शाखा के अंतर्गत सभी प्रकार के टैक्स के बारे में जैसे इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स, सेल टैक्स से जुड़े मामलों को वकीलों के सहयोग से निपटाया जाता है। आज टैक्स के फील्ड का दायरा काफी बढ़ चुका है। जिस वजह से इस फील्ड में अच्छे कैरियर के अवसर भी हैं।

फैमिली लॉ : लॉ का यह क्षेत्र महिलाओं का काफी पसंदीदा क्षेत्र है। इसके अंतर्गत पर्सनल लॉ, शादी, तलाक, गाजिर्यनशिप, गोद लेने, और अन्य सभी पारिवारिक मामले आते हैं। लगभग सभी जिलों में फैमिली कोर्ट होता है ताकि पारिवारिक मामलों को उसी स्तर पर सुलझाया जा सके।

बैंकिंग लॉ: जिस तरह से देश की आर्थिक विकास दर में वृद्धि हो रही है, ठीक वैसे ही बैंकिंग क्षेत्र का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें खासतौर पर लोन, लोन की रिकवरी, बैंकिंग एक्सपर्ट आदि से संबंधित कार्यो को किया जाता है। सभी सरकारी व प्राइवेट बैंक अपने यंहा पर वकील को हायर करते हैं।

BA LLB ke baad kya kare

बीए एलएलबी करने के बाद आप वकालत के फील्ड में अपना कैरियर शुरू कर सकते हैं या फिर आप लॉ के किसी स्पेशलाइज्ड फील्ड जैसे कॉरपोरेट लॉ, क्रिमिनल लॉ, पेटेंट लॉ साइबर लॉ, बैकिंग लॉ, फैमिली लॉ, टैक्स लॉ, लेबर लॉ, इंटरनेशनल लॉ, रीयल एस्टेट लॉ आदि में स्पेसलाइजेशन भी कर सकते हैं।

BA LLB करने के बाद Career की शुरुआत कैसे करें?

बीए एलएलबी कोर्स करने के बाद छात्र को एक से दो वर्ष तक इंटर्नशिप या फिर किसी वरिष्ठ अधिवक्ता के सहायक के रूप में काम करना चाहिए। उसके बाद में फिर बार काउंसिल ऑफ इंडिया में रजिस्ट्रेशन करवाकर वकील के तौर पर कैरियर शुरू कर सकते हैं।

वकील के लिए विदेशों में कैरियर की क्या संभावनाएं हैं?

सही मायने में भारत से ज्यादा विदेशों में वकालत की संभावनाएं मौजूद हैं। आजकल तो बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने विदेशी लोगों को अपने यहां प्रैक्टिस की इजाजत दे रखी है। इसी तरह से भारत के लोग भी विदेशों में जाकर वकालत कर रहे हैं। इसके साथ ही कई सारी एमएनसी एवं लॉ फर्म भी भारत में अपने कदम रख चुकी हैं।

BA LLB कोर्स के बाद रजिस्ट्रेशन से संबंधी प्रक्रिया क्या है?

छात्र जन अपना LLB कोर्स पूरा कर लेते हैं, जिसके बाद उन्हें अपने अटेंडेंस सर्टिफिकेट के साथ स्टेट बार काउंसिल में आवेदन करना होता है। उसके बाद उनको प्रैक्टिस से संबंधित लाइसेंस दे दिया जाता है।

BA LLB के बाद जॉब किन क्षेत्रों में कर सकते हैं?

इस कोर्स के बाद ल सरकारी एवं प्राइवेट, दोनों ही सेक्टर में जॉब के अच्छे अवसर मिलते हैं। प्राइवेट सेक्टर में आप जहां एडवोकेट, लीगल कंसल्टेंट, कंटेंट राइटर, लीगल एजवाइजर, कॉरपोरेट लॉयर आदि बन सकते है।

वहीं सरकारी सेक्टर में सॉलीसिटर, लीगल कंसल्टेंट, असिस्टेंट एडवाइजर, लॉ ऑफीसर, डिप्टी लीगल एडवाइजर के रूप में कार्य करने अवसर सामने आते हैं।

लॉ सर्विस कमीशन और स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा पास करने के बाद में आप मुंशफ एवं प्रमोशन के पश्चात उप न्यायाधीश, जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी बन सकते है।

एडवोकेट के रूप में आप हाइकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत कर सकते हैं।

Law के फील्ड में मिलने वाली स्कॉलरशिप

देश में मिलने वाली प्रमुख स्कॉलरशिप एनएलएसआईयू स्कॉलरशिप, ललित भसीन स्कॉलरशिप, हेमंत नरिचानिया स्कॉलरशिप, एवं शंकर रामा मेमोरियल ट्रस्ट स्कॉलरशिप हैं।

जो गरीब स्टूडेंट्स होने हैं तो वे बैंकों से लोन लेकर पढ़ाई कर सकते हैं। लॉ जैसे प्रफेशनल कोर्स के लिए कई राष्ट्रीयकृत बैंक 10 से लेकर 20 लाख तक एजुकेशन लोन देश व विदेश में पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराते हैं।

हालांकि फॉरेन में पढ़ाई करने के लिए एजुकेशन लोन को लेकर कुछ शर्तें जरूर हैं। इलाहाबाद बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, विजया बैंक, आंध्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रमुखता के साथ एजुकेशन लोन देते हैं।

BA LLB एंट्रेंस एग्जाम में क्या पूंछा जाता है?

ज्यादातर बड़े संस्थानों में एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से ही मिलता है। इसमे ऑब्जेक्टिव टाइप का पेपर होता है।

इस एग्जाम जनरल अवेयरनेस, रीजनिंग, न्यूमेरिक एप्टीटय़ूड, लीगल एप्टीटय़ूड व राजनीति शास्त्र से प्रश्न पूछे जाते हैं। थोड़ी- सी सही से मेहनत से उम्मीदवार इस एग्जाम में सफलता हासिल कर सकता है।

BA LLB के सही कॉलेज की जानकारी कैसे लें?

जहां एक ओर लॉ कॉलेजों की भरमार है, वहीं दूसरी ओर फर्जी संस्थानों की कमी नहीं है। इसलिए सही तरह से जांच पड़ताल करके ही LLB कोर्स में एडमिशन लें।

काफी संस्थान विज्ञापन के जरिये अपने संस्थान का 100 प्रतिशत प्लेसमेंट को दर्शाते हैं, इसलिए एडमिशन से पूर्व उन संस्थान की सत्यता की जांच-परख जरूर ही कर लें। आपके लिए बेहतर होगा कि आप इंडिया के टॉप लॉ कॉलेज से BA LLB करें। जिससे कोर्स करने के बाद आपको जॉब मिलने में कोई भी दिक्कत नही होगी।

कोई भी इच्छुक छात्र, जो लॉ के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहता है या वह अच्छे संस्थान के बारे में www.barcouncilofindia.nic.in पर जानकारी ले सकता है।

उम्मीद है 12veen ke baad vakil kaise bane ये लेख आपको पसंद आया होगा, क्योंकि यहां पर मैंने Vakeel बनने का सारा प्रोसेस बताया है। careermotto.in पर विजिट करने के लिए धन्यवाद।

careermotto

A self-motivated and hard-working individual, I am currently engaged in the field of digital marketing to pursue my passion of writing and strategising. I have been awarded an MSc in Marketing and Strategy with Distinction by the University of Warwick with a special focus in Mobile Marketing. On the other hand, I have earned my undergraduate degrees in Liberal Education and Business Administration from FLAME University with a specialisation in Marketing and Psychology.

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