12 जुलाई को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही इफ्वा इन्फ्रा एंड रिसर्च के शेयरों ने निवेशकों को भारी मुनाफा कमाया।
यह शेयर एनएसई एसएमई पर आईपीओ के ऊपरी मूल्य बैंड 82 रुपये से 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 155.80 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ।
लिस्टिंग के तुरंत बाद, शेयर में 5 प्रतिशत की उछाल आई और यह 163.55 रुपये पर ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया। एफ़्वा इंफ़्रा एंड रिसर्च की शुरुआत 2014 में हुई थी।
यह जल प्रदूषण पर नियंत्रण के क्षेत्र में एकीकृत परियोजना प्रबंधन के साथ-साथ इंजीनियरिंग परामर्श, खरीद और निर्माण की सेवाएं प्रदान करता है।
इसमें अपशिष्ट जल उपचार, औद्योगिक बहिःस्राव उपचार, ठोस अपशिष्ट का उपचार और उसके निपटान प्रणाली, वातन प्रणाली, तथा खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन और जल उपचार सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, कंपनी एक सलाहकार और विशेषज्ञ के रूप में परियोजना खरीद, वित्तपोषण और कार्यान्वयन सेवाओं का प्रबंधन और संगठन भी प्रदान करती है।
कंपनी निम्नलिखित राज्यों में अपनी सेवाएं प्रदान करती है: आंध्र प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और राजस्थान, तथा विशेष आर्थिक क्षेत्रों और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी।
आईपीओ का सब्सक्राइब्ड मूल्य क्या था?
51.27 करोड़ का इफ्वा इंफ्रा एंड रिसर्च आईपीओ 5 जुलाई को लॉन्च हुआ था और 9 जुलाई को बंद हुआ था। कंपनी ने 43.60 करोड़ रुपये के 53.17 लाख नए शेयर जारी किए।
इसके अलावा 7.68 करोड़ रुपये मूल्य के 9.36 लाख शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव भी था। इस इश्यू को कुल 313.65 गुना अभिदान मिला।
योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित भाग 166.56 गुना भरा गया, गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित भाग 477.27 गुना भरा गया, तथा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित भाग 323.81 गुना भरा गया।
कंपनी के प्रमोटर डॉ. वर्षा सुभाष कमल और सुभाष रामावतार कमल हैं।
आईपीओ के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 72.99 फीसदी रह गई है।
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